19-Feb-2020

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आग में जिंदा जले दलित धनप्रसाद की चीखों का हिसाब दें मुख्यमंत्री कमलनाथ- बीजेपी

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भाजपा नेताओं ने कहा-हत्यारों को फांसी दिलाएं, मृतक की पत्नी पूजा को सरकारी नौकरी और 25 लाख दे सरकार, न्याय की गुहार लेकर आंदोलन स्थल पर पहुंची मृतक धनप्रसाद की पत्नी

सागर। दलित धनप्रसाद की पत्नी पूजा अकेली नहीं है, पूरा भारतीय जनता पार्टी परिवार उसके साथ है। हम यहां किसी राजनीतिक कर्मकांड के लिए नहीं आए हैं, बल्कि आग में जलते धनप्रसाद की चीखों और उसके परिजनों की सिसकियों का हिसाब लेने आए हैं। कमलनाथ सरकार धनप्रसाद के हत्यारों को फांसी दे और पीड़ित के साथ न्याय करते हुए मृतक की पत्नी पूजा को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे। हमारा संघर्ष पीड़ित को न्याय मिलने तक जारी रहेगा। यह बात मंगलवार को सागर पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने जनसभा को संबोधित करते हुए कही। सभा स्थल पर विशेष रूप से उपस्थित मृतक धनप्रसाद की पत्नी पूजा अहिरवार ने भाजपा नेताओं को एक ज्ञापन सौंपा, जिसे भाजपा नेताओं ने अपने ज्ञापन के साथ प्रशासन को सौंपकर पूजा के साथ न्याय की मांग की। सभा को पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह, नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
तुष्टिकरण, दलित विरोध की कांग्रेसी परंपरा पर चल रही सरकारः राकेश सिंह
सभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में भले ही कांग्रेस की सरकार धोखे से बनी हो, लेकिन यह सरकार भी कांग्रेस की पीढ़ियों पुरानी तुष्टिकरण और दलित विरोधी परंपरा पर चल रही है। कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति के चलते ही देश का विभाजन हुआ और उसके दलित विरोधी रवैये के कारण 70 सालों में दलितों का उत्थान नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि दलितों के उत्थान की चिंता केवल भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र और राज्य सरकारों ने की है। श्री शिवराजसिंह चौहान के समय प्रदेश में एक भी दलित पर कोई अत्याचार होता था तो मुख्यमंत्री उस दलित के घर जाते थे। लेकिन इस सरकार ने गरीब धनप्रसाद की सुध नहीं ली।
पहली हत्या बदमाशों ने की, दूसरी सरकार ने
प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह ने कहा कि गरीब दलित युवक धनप्रसाद की एक बार हत्या तो वर्ग विशेष के लोगों द्वारा की गई, दूसरी हत्या कमलनाथ सरकार ने उसे सरकारी अस्पताल में तड़पने के लिए छोड़कर की है। इसके लिए प्रदेश सरकार और प्रशासन जिम्मेदार है। श्री सिंह ने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव, विधायक श्री प्रदीप लारिया, श्री शैलेन्द्र जैन धनप्रसाद को देखने अस्पताल पहुंचे तो सरकार ने दिखावे के लिए उसे सागर से भोपाल भेज दिया और सरकारी अस्पताल के जनरल वार्ड में तड़पने के लिए छोड़ दिया। अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मुरूगन ने जब धनप्रसाद की स्थिति को देखकर लताड़ लगाई, तब उसे एयरलिफ्ट करके दिल्ली भेजा गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कांग्रेस की बेरहम सरकार ने उसकी जान ले ली। उन्होंने कमलनाथ सरकार को ललकारते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी का पूरा परिवार आज सागर की धरती पर इसलिए एकत्रित हुआ है कि जहां-जहां सरकारी निरंकुशता और अत्याचार है, वहां-वहां भाजपा के कार्यकर्ता विरोध में सड़कों पर उतरेंगे और प्रदेश की धरती पर कांग्रेस का अन्याय चलने नहीं देंगे। श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री कमलनाथ यह जान लें कि यह देश 1947 वाला देश नहीं है और न ही 1975 वाला देश है, जब कांग्रेस की सरकार ने देश में आपातकाल लगा दिया था। यह मोदी जी के नेतृत्व वाला बदला हुआ देश है। हमारे पास प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा जैसा नेतृत्व है। हम कमलनाथ सरकार के अन्याय के खिलाफ न झुकेंगे, न दबेंगे और न पीछे हटेंगे।
भारत माता के जयकारे से इतनी नफरत क्यों?
राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश में सीएए का समर्थन करने वालों पर धारा 144 लगा दी जाती है लेकिन विरोध करने पर कार्रवाई नहीं होती। इससे बड़ी दुर्भाग्य की बात क्या होगी कि भारतमाता की जय बोलने पर कांग्रेस को शर्म आती है। भारतीय जनता पार्टी यह पूछना चाहती है कि भारतमाता के जयकारे से इतनी नफरत क्यों है?  श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ में अगर हिम्मत है, तो प्रदेश की जनता को इस बात का जवाब दें कि सीएए के विरोध में प्रदर्शन करने वालों की जी हुजूरी क्यों की जाती है और शांतिपूर्ण समर्थन करने पर चांटे क्यों मारे जाते हैं। श्री सिंह ने कहा कि देवास के सांसद को जिला योजना समिति की बैठक में प्रदेश के मंत्री बैठक से बाहर निकालने को कहते हैं। हम ये कहना चाहते हैं कि कमलनाथ जी यह आपकी पैत्रृक सम्पत्ति नहीं है, इस पर जनप्रतिनितियों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह अनुसुचित जातियों के व्यक्तियों का अपमान है।
गरीब, दलित होने के कारण नहीं हुई धनप्रसाद की सुनवाईः शिवराजसिंह चौहान
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि 25-30 बदमाशों ने धनप्रसाद के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इन बदमाशों ने उस बेटी के माथे का सिंदूर पोंछ दिया, जिसके हाथों की मेंहदी भी अभी नहीं मिटी थी। इससे दुखद घटना क्या हो सकती है। लेकिन यह पहला मौका नहीं था, इससे पहले 2019 में भी धनप्रसाद से इन्हीं लोगों ने झगड़ा किया था। उस समय भी वे उसे मारना चाहते थे, लेकिन लोगों ने बीच-बचाव कर दिया था। उसी समय अगर प्रशासन चेत जाता, झगड़ा करने वालों को सबक सिखाया होता, तो यह घटना नहीं होती। श्री चौहान ने कहा कि इस घटना के बाद सरकार की यह ड्यूटी थी कि वह धनप्रसाद को जलाने वालों को गिरफ्तार करती, लेकिन वे अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं, इसलिए सरकार ने उन पर हाथ नहीं डाला। पूजा और उसके पति गरीब थे, दलित थे, इसलिए उनकी आवाज नहीं सुनी गई।  
धनप्रसाद को क्यों जनरल वार्ड में तड़पने छोड़ दिया?
चौहान ने कहा कि इस सरकार ने धनप्रसाद को आग लगाने वालों पर कार्रवाई तो दूर, उसका इलाज तक नहीं करवाया। लगातार इस घटना को दबाने की कोशिश की गई। श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमं9ी कमलनाथ को यह जवाब देना पड़ेगा कि धनप्रसाद को क्यों बर्न वार्ड में भर्ती नहीं कराया, क्यूं जनरल वार्ड में तड़पने में छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि अभी भी सरकार की तरफ से इस घटना को दबाने की कोशिश की जा रही है। लोगों को धमकाया जा रहा है कि आंदोलन में मत जाना, बाहर मत निकलना। सरकार इसी कोशिश में लगी रही कि कैसे धनप्रसाद के अंतिम संस्कार में जाने से रोका जाए, सम्मान से अंतिम संस्कार की बात करने वालों पर एफआईआर की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ, कितनों पर एफआईआर करोगे? आज हम यही देखने आए हैं। एक बेटी विधवा हो जाए, उसके पति को जिंदा जला दिया जाए और कमलनाथ चैन से सत्ता के सिंहासन पर बैठे रहें, हम ये होने नहीं देंगे।  
दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर जवाब दें मैडम सोनिया, राहुल
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में जंगलराज जैसी स्थिति है। शिवपुरी जिले में घर के बाहर शौच कर रहे दो दलित बच्चों को पीट-पीटकर मार डाला गया, मुख्यमंत्री आंखों पर पट्टी बांध कर सो रहे हैं। बुरहानपुर जिले में दलित दूल्हे को मंदिर में प्रवेश से रोक दिया गया। देवास में दलित की बारात पर समुदाय विशेष के लोगों ने हमला किया, जिसमें एक की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि कमलनाथ, तुम्हारे प्रशासन ने अलीराजपुर जिले में पानी मांगने पर पांच आदिवासियों को पेशाब पिलाया। राजगढ़ जिले में दलित बेटी को रेप का विरोध करने पर जिंदा जला दिया गया। दतिया में बलात्कार हुआ। ये बलात्कार, ये अन्याय, ये अत्याचार, मैडम सोनिया और राहुल बाबा ये आपकी ही सरकार आपको जवाब देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर राहुल बाबा, सोनिया जी, प्रियंका जी में जरा भी हिम्मत है, तो इस पूजा बेटी के आंसुओं को बांटने और कमलनाथ से इन अत्याचारों का जवाब मांगने सागर की धरती पर आकर दिखाओ।
सदभाव को बिगाड़ने की कोशिश कर रही है कमलनाथ सरकारः गोपाल भार्गव
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में जिस तरीके से पिछले एक साल में दलितों पर अत्याचार हुए हैं, यह सामाजिक सदभाव बिगाडने की कमलनाथ सरकार की कोशिश का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर वर्ग और हर समाज से अलग-अलग वचन किए थे, उनमें से एक भी वचन पूरा नहीं हुआ है। जनता का ध्यान बांटने के लिए समाज में कटुता फैलाने का काम प्रदेश सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि दलित, शोषित और पीड़ित वर्गों के साथ कमलनाथ सरकार अन्याय कर रही है। दलित धनप्रसाद अहिरवार की मौत इस बात का प्रमाण है। यह घटना बताती है कि मध्यप्रदेश में दलित किस तरह जिंदा जला दिया जाता है और उसकी सुनवाई भी नहीं होती। उन्होंने सभा में मौजूद मृतक की पत्नी को न्याय दिलाने की बात करते हुए कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाना भारतीय जनता पार्टी का कर्त्तव्य है और जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
मामले को दबाने के लिए हथकंडे अपना रही प्रदेश सरकार
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पिछले एक वर्ष में प्रदेश में 2 हजार से अधिक हत्याएं, 5 हजार से अधिक महिलाओं के साथ बलात्कार और 25 हजार से अधिक महिलाओं पर अत्याचार की घटना हुई है। यह आंकड़े सरकार ने विधानसभा सत्र में बताए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के दबाव में पुलिस दलितों की सुनवाई नहीं करती। आरोपियों पर कठोर कार्यवाही के बजाए उन्हें संरक्षण देने का काम करती है। सागर में दलित युवक के साथ हुई इस घटना को कांग्रेस जोड़-तोड़ से दबाने का प्रयास कर रही है। इस पूरे मामले में आरोपियों पर कठोर कार्यवाही करने के बजाए इसे घुमाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह घटना एक व्यक्ति के साथ नहीं हुई है बल्कि यह घटना हमें सचेत करती है कि मध्यप्रदेश में किस तरीके से दलितों का दमन किया जा रहा है। अगर हम समय रहते नहीं जागे तो देर हो जायेगी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद श्री सत्यनारायण जटिया, पूर्व केन्द्रीय मंत्री व सांसद श्री वीरेन्द्र खटिक, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री प्रदीप लारिया, पूर्व गृह मंत्री व विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री श्री लालसिंह आर्य, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, अजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री सूरज कैरो, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, पूर्व विधायक श्री कैलाश जाटवा, श्री हरिशंकर खटीक, श्री दिलीप अहिरवार ने सागर की घटना पर शोक व्यक्त करते हुए एक सुर में कहा कि प्रदेश में दलितों पर अत्याचार की घटनाएं बढ रही है। दलित परिवार के गरीब बेटे धनप्रसाद अहिरवार का जिंदा जलाया जाना प्रदेश सरकार की नीति और नियत पर सवालिया निशान खडा करता है। नेताओं ने कहा कि दलित विरोधी इस सरकार की दमनकारी नीतियों का पूरा समाज विरोध करेगा। 
मंच पर संभागीय संगठन मंत्री श्री केशव सिंह भदौरिया, श्री जयंत मलैया, श्री राजबहादुर सिंह, श्री महेश राय, श्री प्रभुदयाल पटैल, पीड़िता मृतक स्व. धनप्रसाद अहिरवार की पत्नि श्रीमती पूजा अहिरवार, श्री अभय दरे, श्रीमती सोनाबाई अहिरवार, पूर्व सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, श्री अशोक सिंह बामोरा, श्री जाहर सिंह, श्रीमती सुधा जैन, श्रीमती ललिता यादव, श्री लक्ष्मण सिंह, श्री सुखदेव मिश्रा, श्री राजेन्द्र सिंह मोकलपुर, श्रीमती लता वानखेड़े, डॉ. सुशील तिवारी, श्री धरमू राय, श्री नारायण प्रसाद कबीरपंथी, श्री सुधीर यादव, श्री शैलेष केशरवानी, श्री अनुराग प्यासी, श्री वैभवराज कुकरेले, श्री कृष्णवीर सिंह ठाकुर, श्री प्रदीप राजौरिया, श्री राजेश सैनी सहित जिला पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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