22-Mar-2019

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पहली पेशवाई से हुआ सिंहस्थ का आगाज पंचदशनाम

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जूना अखाड़े की पेशवाई में मुख्यमंत्री चौहान सपत्नीक शामिल हुए


सिंहस्थ का आगाज आज पंचदशनाम जूना अखाड़े की पेशवाई से हुआ। सिंहस्थ-2016 की इस पहली पेशवाई में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान अपनी धर्मपत्नी श्रीमती साधनासिंह चौहान के साथ शामिल हुए। उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरिजी महाराज, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरिजी, जूना अखाड़े के संरक्षक हरि गिरिजी, महामंडलेश्वर पायलट बाबा, श्रीमहंत गोल्डनगिरिजी महाराज सहित अन्य उपस्थित महामंडलेश्वर, श्रीमहंतों से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने नीलगंगा स्थित जूना अखाड़े के पड़ाव स्थल पर पूजा-अर्चना की और अखाड़े के प्रस्तावित पाँच मंजिला भवन के मॉडल का अवलोकन किया। यहाँ जूना अखाड़े के महंतों ने मुख्यमंत्री चौहान एवं प्रभारी मंत्री भूपेंद्रसिंह का स्वागत किया। मुख्यमंत्री चौहान ने नीलगंगा को सुन्दर बनाने के काम और फाउंटेन का अवलोकन किया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री पारस जैन, सांसद डॉ.सत्य नारायण जटिया, केन्द्रीय सिंहस्थ समिति के अध्यक्ष माखनसिंह, उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, विधायक डॉ.मोहन यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मयूर रथ पर सवार आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरिजी महाराज के साथ रथ पर सवार होकर नीलगंगा से पेशवाई में शामिल होकर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। इस भव्य पेशवाई में साधु संत शंखनाद करते हुए उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पेशवाई को देखने के लिए मार्ग पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। धूमधड़ाकों, बेंडबाजों के साथ नीलगंगा से प्रारंभ होकर तीन बत्ती चौराहा, चामुंडा चौराहा, देवास गेट, मालीपुरा, दौलतगंज, गोपाल मंदिर, महाकाल मंदिर, हरसिद्धि, दानी गेट, दत्त अखाड़ा होते हुए भूखी माता से गुजरते हुए जूना अखाड़े की सिंहस्थ छावनी में पहुँचकर पेशवाई का समापन हुआ।

शहर के विभिन्न चौराहों पर जगह-जगह सामाजिक संस्थाओं और कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं ने पुष्प वर्षा कर पेशवाई का अभिनंदन-स्वागत किया। पेशवाई मार्ग पर आकर्षक साज-सज्जा की गई थी।

तांडव करते साधु बने आकर्षण का केंद्र

पेशवाई में भगवान शिवशंकर की वेशभूषा में हाथ में त्रिशूल लिए एक साधु तांडव नृत्य करते हुए तो, वहीं नृत्य करते हुए अपनी उंगली पर थाली घुमाकर उसे उछालते हुए एक साधु भी पेशवाई में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। अनेकों नागा साधुओं ने पेशवाई में शामिल होकर तलवार, त्रिशूल एवं अन्य शस्त्रों के साथ आकर्षक एवं रोमांचक करतब प्रस्तुत किए।

मुख्यमंत्री चौहान द्वारा उज्जैन में 450 बिस्तर के अस्पताल का लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने आज उज्जैन में माताओं एवं शिशुओं की स्वास्थ्य सुविधा के लिये 450 बिस्तरीय बहु-उद्देशीय अस्पताल का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अस्पताल बेहतर बना है। चिकित्सा के क्षेत्र में उज्जैन को यह अनुपम सौगात है। जितनी आवश्यकता इस अस्पताल के निर्माण की थी, अब उतनी ही आवश्यकता इसके सुचारु संचालन और रख-रखाव की भी है।

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री पारस जैन, केन्द्रीय सिंहस्थ समिति के अध्यक्ष श्री माखन सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. सत्यनारायण जटिया, विधायक डॉ. मोहन यादव, श्री बहादुर सिंह चौहान, श्री अनिल फिरोजिया, श्री दिलीप सिंह शेखावत, श्री सतीश मालवीय, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष श्री दिवाकर नातू, महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, श्री इकबालसिंह गांधी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती गौरी सिंह, संभागायुक्त डॉ.रवीन्द्र पस्तोर, एडीजी व्ही.मधुकुमार, डीआईजी श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर कवीन्द्र कियावत उपस्थित रहे।

आगर रोड स्थित नव-निर्मित अस्पताल भवन को ‘चरक’ नाम दिया गया है। यह प्रदेश का एकमात्र ऐसा अस्पताल होगा जहाँ महिलाओं एवं शिशुओं को गम्भीर रोगों से निजात दिलाने के लिये जटिल ऑपरेशन की भी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। आवश्यकता होने पर मरीजों को 24 घण्टे वेन्टिलेटर पर रखने की भी सुविधा है। अत्याधुनिक चिकित्सकीय तकनीक की नवीन सुविधाओं वाला यह अस्पताल प्रदेश में एकमात्र है। अस्पताल में अन्तर्राष्ट्रीय मानक स्तर की मेडिकल एयर सर्जिकल एयर, एनेस्थेसिया गैस एवं वैक्यूम पम्प सहित ऑक्सीजन, नाइट्रस आक्साइड और अन्य सुविधाएँ 24 घण्टे उपलब्ध रहेंगी।

चरक भवन को सुरक्षित रखने के लिये अत्याधुनिक फायर-फाईटिंग की सुविधाएँ भी उपलब्ध रहेंगी। यहाँ आग जैसी कोई अप्रिय घटना पर तत्काल काबू पाया जा सकेगा। अस्पताल की प्रत्येक मंजिल पर 100-100 सेन्सर लगाये गये हैं।

सात मंजिला 'चरक'' भवन में सभी मंजिलों तक पहुँचने के लिये 10 लिफ्ट लगाई गई हैं। भवन 3 लाख 16 हजार 935 वर्गफीट पर बना है। अस्पताल भवन में 250 बिस्तर महिलाओं और 200 बिस्तर शिशुओं के लिये स्थापित कर दिये गये हैं। भवन में महिलाओं और शिशुओं के लिये पृथक-पृथक ओपीडी और पृथक-पृथक इमरजेंसी कक्ष भी स्थापित किये गये हैं।

सिंहस्थ मेला क्षेत्र में रसोई गैस की केम्प पहुँच सेवा उपलब्ध

उज्जैन में सिंहस्थ मेला क्षेत्र में साधु-संतों और अन्य व्यक्तियों को रसोई गैस की केम्प पहुँच सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। मेला क्षेत्र में 17 अस्थाई गैस बुकिंग सेन्टर शुरू कर दिये गये हैं। काउन्टर पर रसोई गैस माँग किये जाने पर सिलेण्डरों को पंडाल तक पहुँचाने की व्यवस्था की गई है। बुकिंग काउन्टर पर 14 और 19 किलोग्राम वजन के रसोई गैस सिलेण्डर उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। सिंहस्थ के दौरान प्रतिदिन 1000 सिलेण्डर की खपत का अनुमान लगाया गया है। श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान लगाते हुए सिंहस्थ के दौरान 60 हजार सिलेण्डर आपूर्ति की योजना बनाई गई है।

मेला क्षेत्र में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने खाद्यान्न और केरोसिन आपूर्ति की योजना भी तैयार की है। प्रति व्यक्ति की जरूरत के मुताबिक राशन कार्ड के आधार पर गेहूँ,चावल, शक्कर, नमक और केरोसिन उपलब्ध करवाया जायेगा। सिंहस्थ के दौरान 3150 मीट्रिक टन गेहूँ, 1350 मीट्रिक टन चावल, इतनी ही मात्रा में शक्कर, 90 मीट्रिक टन नमक और 300 किलोलीटर केरोसिन की खपत का अनुमान लगाया गया है। गैस सिलेण्डर एम.आर.-5 मक्सी रोड, चिन्तामन रोड तथा इंदौर रोड पर स्थित गोदाम में भंडारित किये जायेंगे।

डीजल-पेट्रोल रतलाम टर्मिनल और मांगलिया डिपो से

सिंहस्थ के लिये 76 लीटर पेट्रोल और 90 हजार लीटर की अतिरिक्त आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है। रतलाम टर्मिनल और मांगलिया डिपो से डीजल प्राप्त होगा। विभाग के अनुमान के मुताबिक सिंहस्थ के दौरान एक लाख 32 हजार लीटर पेट्रोल तथा एक लाख 66 हजार लीटर डीजल की खपत हो सकती है। उज्जैन तथा उज्जैन के आस-पास मार्गों पर स्थित पेट्रोल पम्पों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल, पेट्रोल का भण्डारण हो सकेगा। इस लिहाज से उज्जैन शहर के 21 पेट्रोल पम्प इंदौर टीम पर 3, बड़नगर रोड के 6, मक्सी, उन्हेल-नागदा रोड, देवास रोड के 5-5 तथा आगर रोड के 8 पेट्रोल पम्प चिन्हाकिंत कर लिये गये हैं।

लगभग 400 एमआईटी के विद्यार्थी सिंहस्थ में नि:शुल्क सेवाएँ देंगे

उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ में सभी अपनी सेवायें देने के लिए आतुर हैं। देवास रोड स्थित एमआईटी कॉलेज के लगभग 400 विद्यार्थी सिंहस्थ के समस्त झोन में अपनी नि:शुल्क सेवायें देंगे। महाकाल झोन में लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने अपनी नि:शुल्क सेवाएँ देने की इच्छा प्रकट की है। ये छात्र डाटा इन्ट्री ऑपरेटर के रूप में मदद करेंगे और तीन शिफ्ट में कार्य करेंगे।

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