16-Sep-2019

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चयनकर्ता से झगड़ पड़े संजय बांगड़, BCCI कर सकती है कार्रवाई- रिपोर्ट

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नई दिल्ली. आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 (ICC World Cup) के बाद से भले ही मैदान पर भारतीय टीम पटरी पर लौटती नजर आ रही है, लेकिन मैदान के बाहर टीम इंडिया में कुछ भी सही होता नजर नहीं आ रहा है. कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और उपकप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के बीच लड़ाई की खबरें अभी थमी भी नहीं थीं कि पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ (Sanjay Bangar) के चयनकर्ता से भिड़ने की खबरों ने सनसनी फैला दी है. इस तरह की खबरें सामने आ रही हैं कि वेस्टइंडीज दौरे (West Indies Tour) पर संजय बांगड़ होटल में राष्ट्रीय चयनकर्ता देबांग गांधी (Debang Gandhi) से भिड़ गए.

दरअसल, संजय बांगड़ (Sanjay Bangar) की जगह विक्रम राठौड़ (Vikram Rathore ) को टीम इंडिया का नया बल्लेबाजी कोच बनाया गया है. जबकि फील्डिंग कोच आर. श्रीधर और गेंदबाजी कोच भरत अरुण अपनी-अपनी जगह बचाने में कामयाब रहे हैं. ऐसे में संजय बांगड़ वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल से टीम की विदाई होने की गाज सिर्फ खुद पर गिरने से काफी निराश हैं. बीसीसीआई ने इन खबरों पर कहा है कि अगर मुख्य कोच रवि शास्‍त्री या मैनेजर सुनील सुब्रमण्यम इस मामले में आधिकारिक रिपोर्ट फाइल करते हैं तो संजय बांगड़ से पूछताछ की जाएगी.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया है कि बांगड़ (Sanjay Bangar) होटल में देवांग गांधी (Devang Gandhi) के कमरे में घुसे और उनसे तल्‍ख लहजे में बात की और यह बातचीत बिल्कुल भी दोस्ताना नहीं थी. यहां तक कि उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि टीम उनके साथ है और उन्हें बल्लेबाजी कोच के पद से हटाने का चयनकर्ताओं का फैसला उल्टा पड़ सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, बांगड़ ने यहां तक कहा कि अगर चयनकर्ता उन्हें बल्लेबाजी कोच के तौर पर उपयुक्त नहीं मानते तो उन्हें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में कोई भूमिका दी जाए. बता दें कि टीम इंडिया का सपोर्ट स्टाफ नियुक्त करने का अधिकार राष्ट्रीय चयन समिति के पास है.

इस बारे में जब बीसीसीआई अधिकारियों से बात की गई तो कहा गया कि बांगड़ (Sanjay Bangar) से अब बीसीसीआई का अनुबंध नहीं है. बीसीसीआई अधिकारी ने साथ ही कहा कि अगर ऐसा कोई वाकया हुआ है तो सबसे पहले मैनेजर को अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर इसका उल्लेख करना चाहिए. इसके अलावा हेड कोच को भी लिखित में इसकी शिकायत दर्ज करनी होगी. इसके बाद बीसीसीआई कोई कदम उठाएगा. अगर इनमें से एक भी काम पूरा नहीं हुआ तो इस मुद्दे को प्रशासकों की समिति के सामने उठाने का कोई मतलब नहीं है.

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि पद से हटाए जाने के बाद निराश होना गलत नहीं है, लेकिन इस बात की गारंटी मानकर कोई चल ही क्यों रहा था कि उसे हटाया नहीं जाएगा. शास्‍त्री, अरुण और श्रीधर का प्रदर्शन अच्छा माना गया इसलिए उन्हें बरकरार रखा गया जबकि बांगड़ के प्रदर्शन को खराब रेटिंग दी गई तो उन्हें हटा दिया गया. बांगड़ को इस बारे में देवांग गांधी से सवाल करने का कोई हक नहीं है.

हालांकि बीसीसीआई में इस बात को लेकर भी चर्चा हो रही है कि सोशल मीडिया के जरिये अपनी हताशा जाहिर करने वाले पूर्व कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों पर क्या कार्रवाई की जानी चाहिए. बता दें कि दो दिन पहले ही सौराष्ट्र के शेल्डन जैकसन ने दलीप ट्रॉफी में चयन न होने को लेकर चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे. बीसीसीआई अधिकारी ने कहा कि हम समझ सकते हैं कि शेल्डन ने 850 से ज्यादा रन बनाए हैं, लेकिन मनोज तिवारी का क्या? वह रणजी ट्रॉफी में रन बनाने के मामले में 39वें नंबर पर रहे और फिर भी टीम में शामिल न किए जाने को लेकर देवांग गांधी की आलोचना कर रहे हैं. (भाषा इनपुट के साथ)

साभार- न्‍यूज 18

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