02-Jun-2020

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कोरोना के लिए 50 खरब डॉलर देंगे G20 देश: PM मोदी बोले, मानव को आर्थिक लक्ष्यों के ऊपर रखा जाए

कोरोना के लिए 50 खरब डॉलर देंगे G20 देश: PM मोदी बोले, मानव को आर्थिक लक्ष्यों के ऊपर रखा जाए
G20 country to pay $ 50 trillion for Corona: PM Modi said, keep humans above economic goals

कोरोना वायरस संकट पर जी-20 बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (26 मार्च) को कहा वैश्विक समृद्धि, सहयोग के लिए हमारे दृष्टिकोण के केन्द्र बिंदु में आर्थिक लक्ष्यों के स्थान पर मानव को रखा जाए। उन्होंने आपस में जुड़ी दुनिया के लिए नए संकट प्रबंधन प्रोटोकॉल और कार्यप्रणाली तैयार करने की हिमायत की। पीएम मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी उपस्थित थे।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मानव के विकास के लिए मेडिकल शोध को स्वतंत्र रूप से और खुल कर साझा करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया भर में कहीं अधिक अनुकुल, प्रतिक्रियात्मक और सस्ती मानव स्वास्थ्य सुविधा प्रणाली का विकास करने की जरूरत है।


Press Trust of India

@PTI_News

G20 summit on coronavirus: PM Narendra Modi pitches for developing new crisis management protocol and procedures for interconnected world
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9:18 pm - 26 मार्च 2020

जी-20 वीडियो कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य सुविधा से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) जैसे वैश्विक संगठनों को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी से निपटने के लिए प्रभावी टीका विकसित करने के वास्ते डब्ल्यूएचओ को मजबूत करना जरूरी है।


Press Trust of India

@PTI_News

Empowering of WHO necessary for development of effective vaccines to deal with global pandemics: PM at G20 video conference on coronavirus
196
9:15 pm - 26 मार्च 2020


Press Trust of India

@PTI_News

G20 should work together to reduce economic hardships arising out of COVID-19 pandemic: PM
156
9:19 pm - 26 मार्च 2020

यह आपातकालीन बैठक ऐसे समय में हुई है जब कोरोना वायरस के संक्रमण से दुनिया भर में 21 हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं। इस मुद्दे पर सुस्ती बरतने को लेकर जी20 की आलोचना हो रही थी। इसके अलावा सऊदी अरब और रूस के बीच विवाद के कारण कच्चा तेल की कीमतें भी 30 डॉलर के स्तर से नीचे चली गई हैं।

कोरोना संकट से निपटने के लिए 50 खरब डालर देने का वादा
वहीं, जी20 देशों के नेताओं ने कोरोना वायरस से फैली वैश्विक महामारी के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए इससे लड़ने के लिए विश्व की अर्थव्यवस्था में पांच हजार अरब डॉलर खर्च करने का बृहस्पतिवार (26 मार्च) को ऐलान किया। चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस संक्रमण लगभग पूरे विश्व को अपने चपेट में ले चुका है। इसके कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था आर्थिक मंदी की दहलीज पर पहुंच गई है। इसी के मद्देनजर सऊदी अरब के सुल्तान किंग सलमान की अध्यक्षता में जी20 देशों की आपातकालीन बैठक हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।

दूसरी ओर, सऊदी अरब के शाह सलमान ने गुरुवार को समूह- 20 के नेताओं से आग्रह किया कि वे कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न वैश्विक संकट से निपटने के लिए "प्रभावी और समन्वित" कार्रवाई करें। इसके साथ ही उन्होंने विकासशील देशों की मदद करने का भी आह्वान किया। शाह समूह- 20 के नेताओं की हुई आकस्मिक ऑनलाइन बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने अपने आरंभिक संबोधन में कहा कि हमें इस वैश्विक महामारी के मद्देनजर प्रभावी और समन्वित कार्रवाई करनी होगी तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था में विश्वास बहाल करना होगा। उन्होंने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम विकासशील देशों और कम विकसित देशों की मदद के लिए हाथ बढ़ाएं ताकि उनकी क्षमताओं का निर्माण हो सके और वे इस संकट और इसके नतीजों का मुकाबला करने के लिए अपने बुनियादी ढांचे को बेहतर बना सकें। वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कोरोना वायरस को लेकर जी-20 देशों की वार्ता में शुल्क कटौती का आह्वान किया।

कोरोना वायरस : संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर करीब पांच लाख हुई
कोरोना वायरस से दुनिया भर में संक्रमित लोगों की संख्या गुरुवार को करीब पांच लाख हो जाने के बीच यूरोप तथा अमेरिका में ऐसे मामलों की संख्या चीन से ज्यादा हो गई। इस बीमारी की शुरूआत चीन से ही हुई थी। यूरोप और न्यूयॉर्क की स्वास्थ्य सेवाएं इस बीमारी के कारण चरमराती प्रतीत हो रही है और अधिकारी गंभीर रूप से बीमार पीड़ितों को जीवित रखने के लिए पर्याप्त वेंटिलेटरों की तलाश में जुटे हैं ।

इस महामारी का सामना करने के लिए अमेरिकी सीनेट ने कारोबारियों, श्रमिकों और स्वास्थ्य तंत्र के लिए 2.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रस्ताव पारित किया है। लाखों अमेरिकियों को उम्मीद है कि इस कदम से उन्हें जीवनदान मिल जाएगा क्योंकि वायरस के प्रसार पर काबू के लिए आवश्यक कदमों के कारण उन्होंने नौकरी, आय आदि खो दी है। इस रोग के कारण 21,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित हुयी है और उसने विश्व अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।

साभार- लाइव हिन्‍दुस्‍तान

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