27-Jun-2019

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Exit Poll: News18-Ipsos रिज़ल्ट- हर चरण में यूं खिलता गया कमल, अबकी बार 336 सीटों के साथ मोदी सरकार

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News18-IPSOS Exit Poll Results 2019: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सातवें चरण की वोटिंग ख़त्म हो गयी है. लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सात चरणों के लिए News18-Ipsos एग्जिट पोल के नतीजे आ चुके हैं और  542 सीटों में से 336 सीटें एनडीए के खाते में जाती नज़र आ रही हैं. बीजेपी की बात करें तो इस चरण तक उसके खाते में 276 जबकि कांग्रेस 46 सीटों पर सिमटती नज़र आ रही है. इस चरण तक यूपी का सपा-बसपा गठबंधन भी सिर्फ 17-19 सीटों पर ही सिमटता नज़र आ रहा है जबकि यूपीए के हिस्से सिर्फ 82 सीटें आ रही हैं.

यूपी में एनडीए को 60-62 सीटें मिल रही हैं जबकि पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में से 36 पर टीएमसी जीतती नज़र आ रही है. जबकि बीजेपी सिर्फ 2-5 पर जीत हासिल करती नज़र आ रही है.

सातवें चरण तक तक सपा के खाते में 10 ,टीएमसी 38, बसपा 7, टीआरएस 12, बीजेडी 13, वाईएसआर कांग्रेस 13, लेफ्ट 12, आप 1, टीडीपी 11 जबकि अन्य दलों के खाते में 7 सीटें आती नज़र आ रही हैं.  सातवें चरण की वोटिंग ख़त्म होने के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी हों या फिर राहुल गांधी हर बड़े-छोटे नेता की चुनावी किस्मत का फैसला EVM में कैद हो गया है. News18-Ipsos आपके लिए सातों चरण के हिसाब से एग्जिट पोल लेकर आया है.

सातवें चरण में बीजेपी को पूर्ण बहुमत
सातवें चरण की 59 सीटों के एग्जिट पोल के बाद कुल 542 सीटों में से 336 एनडीए को मिलती नज़र आ रही हैं. यूपीए के हिस्से सिर्फ 82 जबकि अन्य दलों के खाते में 124 सीटें आने का अनुमान है. सभी सीटों में से 276 बीजेपी को मिल रही हैं जिससे बीजेपी अकेले दम पर सरकार बनाती नज़र आ रही है. उधर कांग्रेस सिर्फ 46 सीटों पर सिमट रही है.

छठा चरण क्या कहता है?

News18-Ipsos एग्जिट पोल के मुताबिक छठे चरण की 59 लोकसभा सीटों के नतीजों में भी एनडीए ही आगे है. इन 59 सीटों पर हुए मतदान में से एनडीए के खाते में 45-49 सीटें आ सकती हैं. इनमें 41-43 बीजेपी के पास जबकि 4-6 बीजेपी सहयोगी जीत सकते हैं. उधर कांग्रेस की बात करें तो इस चरण से उसके खाते में सिर्फ 3-5 सीटें ही आती नज़र आ रही हैं जबकि उसके सहयोगी 0 सीटों पर सिमट सकते हैं. अन्य की बात करें तो टीएमसी के पास 5-7 सीटें, सपा के पास 1-2 जबकि बसपा के खाते में सिर्फ 0-1 सीट नज़र आ रही हैं.

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राज्यों की बात करें तो इस चरण तक यूपी की 67 में से 54 सीटें एनडीए के खाते में नज़र आ रहीं हैं जबकि महागठबंधन 11-15 सीटों पर सिमट रहा है. पश्चिम बंगाल की 33 सीटों में से 20-22 पर टीएमसी जबकि 3-7 पर बीजेपी जीतती नज़र आ रही है. बिहार की 32 में से 27-30 एनडीए को मिल रहीं हैं. एमपी की 21 में 18-20 एनडीए को जबकि हरियाणा की 10 में से 6-8 सीटें एनडीए को मिलती नज़र आ रही हैं. दिल्ली की 7 सीटों में से 6-7 बीजेपी को मिल रहीं है जबकि आप के खाते में 0 सीटें आएंगी.

पांचवां चरण क्या कहता है?
News18-Ipsos एग्जिट पोल के मुताबिक पांचवें चरण की 50 लोकसभा सीटों के नतीजों में भी एनडीए ही आगे है. इन 50 सीटों पर हुए मतदान में से एनडीए के खाते में 37-39 सीटें आ सकती हैं. इनमें 36-38 बीजेपी के पास जबकि 0-1 बीजेपी सहयोगी जीत सकते हैं. उधर कांग्रेस की बात करें तो इस चरण से उसके खाते में सिर्फ 3-7 सीटें ही आती नज़र आ रही हैं जबकि उसके सहयोगी 1-3 सीटों पर सिमट सकते हैं. अन्य की बात करें तो सपा के पास 0 सीटें, बसपा के पास 0 सीटें आ सकती हैं.

राज्यों की बात करें तो यूपी की 14 में से 11-13 बीजेपी जबकि गठबंधन के हिस्से 0 सीटें आ सकती हैं. कांग्रेस के पास 2 सीटें आने कि संभावना है. वेस्ट बंगाल में टीएमसी का दबदबा कायम है और 25 में से 21-23 उसी के खाते में नज़र आ रही हैं. बिहार में इस चरण तक 24 सीटों पर मतदान हुआ है जिनमें से 20-22 सीटें एनडीए जबकि 2-4 आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन को मिलती नज़र आ रही हैं.

पांचवें चरण के ताहत 6 मई को 7 राज्यों की 50 सीटों के लिए वोटिंग हुई थी. इस चरण में यूपी की सबसे ज्यादा-14, बिहार की 5, जम्मू-कश्मीर-2, झारखंड-4, मध्य प्रदेश-7, राजस्थान-12, और पश्चिम बंगाल की 7 सीटों पर वोट डाले गए थे.

चौथे चरण का हाल?
News18-Ipsos एग्जिट पोल के मुताबिक चौथे चरण में 71 लोकसभा सीटों के नतीजों में भी एनडीए का ही दबदबा कायम रह सकता है. इन 71 सीटों पर हुए मतदान में से एनडीए के खाते में 53-57 सीटें आ सकती हैं. इनमें 42-44 बीजेपी के पास जबकि 11-13 बीजेपी सहयोगी जीत सकते हैं. उधर कांग्रेस की बात करें तो इस चरण से उसके खाते में सिर्फ 2-4 सीटें ही आती नज़र आ रही हैं जबकि उसके सहयोगी 0 सीटों पर सिमट सकते हैं. अन्य की बात करें तो सपा के पास 0-1 सीटें, बसपा के पास 0, बीजेडी के पास 4-6 सीटें जबकि अन्य दल 0 सीटें जीत सकते हैं.

राज्यों की बात करें तो इस चरण तक यूपी की 39 सीटों पर मतदान हो चुका है जिनमें से 25-29 सीटें एनडीए के खाते में नज़र आ रही हैं. उधर महागठबंधन के पास सिर्फ 10-14 सीटें ही नज़र आ रहीं हैं. महाराष्ट्र की 48 सीटों की बात करें तो एनडीए के हिस्से 42-45 जबकि कांग्रेस-एनसीपी 4-6 सीटों पर ही सिमटते नज़र आ रहे हैं. कांग्रेस महाराष्ट्र में सिर्फ एक ही सीट जीतती नज़र आ रही है.
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल को हुआ था. इनमें यूपी की 13 सीटें भी शामिल थीं. चौथे चरण में 9 राज्यों की 71 सीटों पर मतदान हुआ था. इसमें हिंदी पट्टी के प्रदेशों के अलावा महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल भी शामिल थे. इस चरण की सीटों में बंगाल में टीएमसी का कब्जा था तो ओडिशा में बीजेडी का.

तीसरे चरण में किसके हिस्से कितनी सीटें?
News18-Ipsos एग्जिट पोल के मुताबिक तीसरे चरण में 116 सीटों के नतीजों में भी एनडीए का ही दबदबा कायम रह सकता है. इन 116 सीटों पर हुए मतदान में से एनडीए के खाते में 71-75 सीटें आ सकती हैं. इनमें 63-65 बीजेपी के पास जबकि 8-10 बीजेपी सहयोगी जीत सकते हैं. उधर कांग्रेस की बात करें तो इस चरण से उसके खाते में सिर्फ 7-9 सीटें ही आती नज़र आ रही हैं जबकि उसके सहयोगी 7-9 सीटों पर जीत सकते हैं. अन्य की बात करें तो सपा के पास 4-6 सीटें, बसपा के पास 1-2, बीजेपी के पास 2-4 सीटें, लेफ्ट के पास 11-13 जबकि अन्य दल 0-1 सीटें जीत सकते हैं.

राज्यों की बात करें तो यूपी में तीसरे चरण तक कुल 26 सीटों पर मतदान हो चुका था जिनमें से 14-16 बीजेपी के खाते में जाती नज़र आ रही हैं. उधर महागठबंधन के पास इनमें से 10-12 सीटें आती नज़र आ रही हैं. गुजरात में बीजेपी का दबदबा कायम रहने वाला है और 26 में से 25-26 सीटें बीजेपी जीतती नज़र आ रही है. उधर कांग्रेस के खाते में 0-1 सीट आ सकती है. केरल में लेफ्ट का दबदबा कायम रहेगा और 11-13 सीटों पर उसका कब्ज़ा हो सकता है जबकि यूडीएफ के तहत 4-6 सीटें कांग्रेस के हिस्से जबकि IUML के हिस्से 1-2 सीटें आ सकती हैं. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के उलट राज्य की 11 लोकसभा सीटों में से 7-9 बीजेपी के पास आती दिख रहीं है जबकि कांग्रेस 2-4 पर निपटती लग रही है. नॉर्थ ईस्ट राज्यों की 25 में से 17-19 सीटें एनडीए के खाते में जाती नज़र आ रही हैं. असम की 14 सीटों में से भी 8-10 सीटें एनडीए जीतती नज़र आ रही है.

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के तहत 23 अप्रैल को 15 राज्यों की 116 लोकसभा सीटों पर 63.24 % मतदान हुआ था. इस दौरान गुजरात की सभी 26, केरल की सभी 20 सीटों, यूपी की 10, महाराष्ट्र और कर्नाटक में 14-14, असम में 4, बिहार में 5, छत्तीसगढ़ में 7, ओडिशा में 6, पश्चिम बंगाल में 5, गोवा की सभी 2 सीटें, दादर नगर हवेली, दमन दीव और त्रिपुरा की एक-एक सीट पर मतदान हुआ था. वहीं तमिलनाडु की वेल्लौर सीट पर भी वोटिंग हुई थी. इस सीट पर दूसरे चरण में वोटिंग होनी थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे स्‍थगित कर दिया गया था.

इस चरण में पश्चिम बंगाल और कुछ अन्‍य राज्‍यों से हिंसक घटनाएं भी सामने आई थीं. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बालीग्राम में वोटिंग के दौरान कांग्रेस और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा हुई थी. इस हिंसा में वोट देने के लिए लाइन में लगे एक आदमी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई. जिसके बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने लगे. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सौमेंद्र नाथ मित्रा ने कहा था कि उनकी पार्टी राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहती है. हालांकि कांग्रेस ने चुनाव आयोग में इसकी आधिकारिक रूप से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी.

दूसरे चरण में किसको कितनी सीटें:
दूसरे चरण में लोकसभा की 95 सीटों पर मतदान हुआ था. News18-Ipsos एग्जिट पोल के मुताबिक 95 सीटों पर हुए मतदान में से एनडीए के खाते में 50-54 सीटें आ सकती हैं. इनमें 27-29 बीजेपी के पास जबकि 23-25 बीजेपी सहयोगी जीत सकते हैं. उधर कांग्रेस की बात करें तो इस चरण से उसके खाते में सिर्फ 11-13 सीटें ही आती नज़र आ रही हैं जबकि उसके सहयोगी 20-22 सीटों पर जीत सकते हैं. अन्य की बात करें तो सपा के पास 0 सीटें, बसपा के पास 1-3 सीटें जबकि अन्य दल 1-3 सीटें जीत सकते हैं.

राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु में डीएमके की वापसी होती नज़र आ रही है. AIADMK को इन चुनावों में 14-18 जबकि गठबंधन में उनकी सहयोगी बीजेपी के पास 1-2, पीएमके के हिस्से 2-4 जबकि डीएमडीके 1-2 सीटें जीत सकती है. उधर डीएमके की बात करें तो उसके हिस्से 12-14 सीटें आ सकती हैं जबकि उनके सहयोगी कांग्रेस के हिस्से 3-5, एमडीएमके के पास 0-1, वीसीके के पास 1-2, सीपीएम के पास 1-2, सीपीआई के पास 0-1 और IUML के हिस्से भी 0-1 सीट आ सकती है. कर्नाटक की बात करें तो 14 में से बीजेपी के पास 7-9, कांग्रेस के पास 3-5, जेडीएस 1-3 सीटें आ सकती हैं.

लोकसभा चुनाव 2019 के दूसरे चरण के लिए 18 अप्रैल को 12 राज्यों की 95 लोकसभा सीटों पर वोटिंग हुई थी. दूसरे चरण में तमिलनाडु की 38, कर्नाटक की 14, महाराष्ट्र की 10, उत्तर प्रदेश की 8, असम, बिहार और ओडिशा की 5-5, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल की 3-3, जम्मू कश्मीर की 2 और मणिपुर और पुडुचेरी की एक-एक सीटों पर मतदान हुआ था. इसके साथ ही ओडिशा के 35 विधानसभा सीटों पर भी वोट डाले गए थे.

इस चरण में पश्चिम बंगाल में वोटिंग के दौरान कई जगहों से हिंसा की खबरें आई थीं. रायगंज से सीपीएम सांसद मोहम्मद सलीम की गाड़ी पर इस्लामपुर में हमला हुआ था और पत्थरबाजी की गई थी. वहीं, पुरुलिया के सेनाबाना गांव में शिशुपाल नाम के बीजेपी कार्यकर्ता का शव पेड़ मे टंगा मिला. उधर, दार्जिलिंग में क्रूड बम बरामद होने के बाद सुरक्षा दस्ता मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रहा है. रायगंज से बीजेपी उम्मीदवार ने दावा किया कि टीएमसी समर्थक यहां बूथ कैप्चरिंग की कोशिश कर रहे हैं.

दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश की जिन 8 सीटों पर चुनाव होना है उनमें- आगरा, मथुरा, नगीना, अमरोहा, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस और फतेहपुर सीकरी शामिल थीं. उधर बिहार में- किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर और बांका लोकसभा सीटों के लिए वोट डाले गए थे. इनके अलावा जम्मू कश्मीर की श्रीनगर और ऊधमपुर सीट के अलावा पश्चिम बंगाल की जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और रायगंज सीटों पर भी वोटिंग हुई थी.

पहले चरण में किसको कितनी सीटें
News18-Ipsos एग्जिट पोल के मुताबिक 91 सीटों पर हुए मतदान में से एनडीए के खाते में 38-42 सीटें आ सकती हैं. इनमें 33-35 सीटें बीजेपी के पास जबकि 5-7 सीटें बीजेपी सहयोगी जीत सकते हैं. उधर कांग्रेस की बात करें तो इस चरण से उसके खाते में सिर्फ 4-6 सीटें आती ही नज़र आ रही हैं जबकि उसके सहयोगी 0-1 सीटों पर ही सिमट जाएंगे. अन्य की बात करें तो सपा के पास 0 सीटें, बसपा के पास 1-3 सीटें, टीआरएस के पास 11-13 सीटें, बीजेपी के पास 4-6, वाईएसआरपी के पास 12-14 सीटें, लेफ्ट के पास 0 सीटें, आप के पास 0 सीटें, टीडीपी के हिस्से 10-12 सीटें जबकि अन्य दल 5-6 सीटें जीत सकते हैं.

राज्यों की बात करें तो आंध्र प्रदेश में टीडीपी और वाईएसआई कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर नज़र आ रही है जबकि कांग्रेस 0 और बीजेपी सिर्फ 1 सीट जीतती नज़र आ रही हैं. तेलंगाना में टीआरएस का जलवा बरकरार है जबकि बीजेपी 1-2 सीटें जीत सकती हैं. उत्तराखंड में 4-5 बीजेपी और 0-1 कांग्रेस के खाते में जा सकती हैं. महारष्ट्र की 7 सीटों में बीजेपी के हिस्से 4-6 जबकि शिवसेना 1-3 सीटें जीत सकती है जबकि यूपीए का खाता खाली नज़र आ रहा है.

पहले चरण के तहत 11 अप्रैल को मतदान हुआ था. इसके तहत 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों और चार राज्यों (ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, सिक्किम) की विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था. वोटिंग के दौरान आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में टीडीपी और वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं के बीच खूनी संघर्ष की ख़बरें आई थीं. इस संघर्ष में स्थानीय टीडीपी नेता चिंता भास्कर रेड्डी की मौत हो गई थी.

बता दें कि पहले चरण में बिहार की 4 सीटों- औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई, पश्चिम उत्तर प्रदेश की 8 सीटों- सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और नोएडा. छत्तीसगढ़ की बस्तर सीट, ओडिशा की 4 सीट, असम की 5 सीट, जम्मू-कश्मीर की 2, महाराष्ट्र की 7 और पश्चिम बंगाल के 2 सीटों पर भी वोट डाले गए थे. इसमें 1279 प्रत्याशियों ने चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमाई थी.

पहले चरण में मोदी सरकार के 8 मंत्रियों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी थी. इसमें केंद्रीय मंत्री जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह, नितिन गडकरी, हंसराज अहीर, किरण रिजीजू शामिल हैं. वहीं, कांग्रेस से रेणुका चौधरी, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी की किस्मत भी का फैसला भी पहले चरण के मतदान से ही होना है.

सबसे सटीक नतीजे यहीं मिलेंगे
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इन पार्टियों की किस्मत है दांव पर
देश की दो प्रमुख पार्टियों कांग्रेस और बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) के अलावा बसपा (बहुजन समाज पार्टी), सपा (समाजवादी पार्टी), टीडीपी (तेलगुदेशम पार्टी), टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस), आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल), आप (आम आदमी पार्टी), जेडीयू (जनता दल युनाइटेड), डीएमके (द्रविड़ मुन्नेत कड़गम), एआईएडीएमके (ऑल इंडिया अन्ना द्रमुक), सीपीएम (कम्युनिस्ट पार्टी), जेडीएस (जनता दल सेक्युलर), पीडीपी (पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी), एनसी (नेशनल कांफ्रेंस) और बीजेपी (बीजू जनता दल) जैसी क्षेत्रीय पार्टियों की किस्मत भी दांव पर है.

सात चरणों में 542 लोकसभा सीटों पर हुआ चुनाव
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 11 अप्रैल से 19 मई के बीच 7 चरणों में लोकसभा चुनाव हुआ. पहले चरण में 11 अप्रैल को 20 राज्यों की 91 सीटों, दूसरे चरण में 18 अप्रैल को 13 राज्यों की 97 सीटों पर, तीसरे चरण में 23 अप्रैल को 14 राज्यों की 115 सीटों, चौथे चरण 29 अप्रैल को 9 राज्यों की 71 सीटों, पांचवें चरण में 6 मई को 7 राज्यों की 51 सीटों, छठे चरण में 12 मई को 7 राज्यों की 59 सीटों और सातवें व आखिरी चरण में 19 मई को 59 सीटों पर वोटिंग हुई.

साभार- न्‍यूज 18

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