16-Oct-2019

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गतिशील और समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए नए नजरिए और दृष्टिकोण की आवश्यकता

युवाओं को रोजगार मिले, कृषि क्षेत्र मजबूत हो ऐसे विकास को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने एक निजी चैनल के कार्यक्रम में प्रदेश के विकास का रोड मैप बताया

भोपाल : मंगलवार, सितम्बर 17, 2019, मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि उभरता हुआ, गतिशील और समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिए नए नजरिए और दृष्टिकोण से काम कर रहे हैं। मेरा विजन है कि हम मध्यप्रेदश में ऐसे विकास को प्रोत्साहित करें जो युवाओं को रोजगार दें, कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करें और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दें। श्री नाथ आज होटल जहाँनुमा में निजी चैनल के प्रगति पथ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिंदवाड़ा के विकास मॉडल के साथ भविष्य के मध्यप्रदेश का नक्शा कैसा होगा, इस पर विस्तार से अपनी योजनाओं को रेखांकित किया।

स्किल मतलब रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए स्किल डेव्हलपमेंट महज रस्म अदायगी नहीं है। मैं स्किल डेव्हलपमेंट का मूल्यांकन इस बात से करता हूँ कि वह स्किल्ड लोगों को कितना रोजगार देती है और कैसा रोजगार देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे रोजगार की बात करते हैं तो उनके जहन में एम.ए., बी.ए. या सिर्फ बी.ई. शिक्षित लोगों को रोजगार देने की बात नहीं होती है बल्कि वह उन लोगों के बारे में भी सोचते है, जो सातवीं-आठवीं पास या बिल्कुल अशिक्षित हैं। इन लोगों के प्रति भी हमारा दायित्व है कि ये लोग रोजगार पाएं और सम्मानित जीवन जिएं। उन्होंने बताया कि पूरे विश्व में आज छिंदवाड़ा में सबसे अधिक स्किल सेंटर हैं। इन स्किल सेंटर को मैंने रोजगार से जोड़ा है। जो भी व्यक्ति प्रशिक्षित होकर निकले उसे रोजगार मिले, रोजगार भी ऐसा मिले कि वह अपना जीवन बेहतरी के साथ बिता सके। मुख्यमंत्री ने उदाहरण दिया कि 10 हजार रुपए का रोजगार उसे दिल्ली, मुम्बई में मिले मुफीद नहीं होगा। यही रोजगार उसे गाँव, शहर या आस-पास मिले तो उसके लिए उपयोगी होगा। जब मैंने बैंड की ट्रेनिंग देने की बात कही तो मेरा विरोधी दलों ने काफी मजाक उड़ाया लेकिन मैं इस क्षेत्र में ऐसा काम करूंगा कि मजाक उड़ाने वालों का मजाक उड़ेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि आज बैंड बाजे की कल्पना हम सिर्फ शादी-बारात के संदर्भ में नहीं कर सकते। हर बड़े समारोह में सेरेमोनियल बैंड बजाए जाते हैं। उन लोगों को जो इस व्यवसाय में पूर्व से लगे हैं और जो इस व्यवसाय में लगने वाले हैं, उन्हें हम अगर इस विधा में प्रशिक्षित कर देंगे तो वे बेहतर रोजगार पा सकेंगे। इसी तरह सिक्योरिटी गार्ड सर्विस में भी रोजगार की व्यापक संभावनाएँ हैं। इससे हम उन वर्गों को रोजगार दे सकते हैं जो अन्य कारणों से शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते। इस दृष्टि के साथ मैं स्किल डेव्हलपमेंट देखता हूँ, जिसकी शुरूआत मैंने 12 वर्ष पूर्व छिंदवाड़ा में की थी। उसे मैं पूरे प्रदेश के संदर्भ में देखता हूँ और इस दिशा में प्रयास कर रहा हूँ।

कृषि क्षेत्र तभी मजबूत जब धोती-कुर्ता वाले किसान जींस और शर्ट पहने

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि हमारे प्रदेश के 70 प्रतिशत आबादी कृषि क्षेत्र पर निर्भर है। इस क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए हमें पारंपरिक खेती को आधुनिक खेती में बदलना होगा। किसान का बेटा खेती करे इसके लिए हमें उन्नत खेती को प्रोत्साहित करना होगा। उद्यानिकी के क्षेत्र में हमारे प्रदेश में बड़ी संभावनाएँ है। इन संभावनाओं को हमें किसानों की आय को दोगुना करने में साकार करना होगा। इससे हम जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने में रोजगार उपलब्ध करवा पाएंगे और दूसरी ओर हमारा कृषि क्षेत्र मजबूत होगा जो हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है।

आई.टी. क्षेत्र में उन सेवाओं को चुने जो मध्यप्रदेश के लिए उपयोगी हो

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि आई.टी. एक विशाल क्षेत्र है। हमें इसमें यह देखना होगा कि हम इसकी किस विधा को मध्यप्रदेश में विकसित करें, जो हमारे प्रदेश को आगे बढ़ाये वहीं इससे लोगों को रोजगार भी मिले। उन्होंने कहा कि आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस का केंन्द्र मध्यप्रदेश बने। इस दिशा में हम प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह हम मध्यप्रदेश में ड्रायपोर्ट बनाना चाहते हैं जिससे मध्यप्रदेश के उद्योगपतियों और व्यवसायियों को आयात-निर्यात में सुविधा मिल सके।

निवेश वही होगा जो प्रदेश में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाएगा

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश में हमारी निवेश की नीति स्पष्ट है। हम प्रदेश में ऐसे निवेश को प्रोत्साहित करेंगे जो अधिक से अधिक रोजगार दे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाये। हम अपने प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मूल्यांकन जीडीपी के आधार पर नहीं बल्कि इस आधार पर करेंगे कि आर्थिक गतिविधियाँ हमारे प्रदेश में कितनी बढ़ी हैं। मुख्यमंत्री ने एक निवेशक से अपनी मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि जब उन्होंने प्रदेश में निवेश की इच्छा जताई तब मैंने उनसे एक ही सवाल किया कि उनके निवेश से प्रदेश को क्या लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि सीमेंट व्यवसाय से जुड़े निवेशक से मैंने पूछा कि आप अपने उत्पादन को कहाँ ले जाएंगे, उसके लिए उनके पास क्या व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि अपने उत्पादन को बाहर ले जाने के लिए प्रतिदिन 500 ट्रक की आवश्यकता होगी। तब मैंने उनसे कहा कि जो भी ट्रक आपके उत्पादन को लाने ले जाने का काम करेंगे वे सभी ट्रक मध्यप्रदेश में रजिस्टर्ड होना चाहिए। इससे हम अपने प्रदेश के नौजवानों न केवल रोजगार देंगे बल्कि इससे जुड़ी हुई कई आर्थिक गतिविधियाँ विकसित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह प्रदेश में पूरे देश का सबसे बड़ा फूड-पार्क भी बनाने की हमारी योजना है। इससे संबंधित कंपनी से हमारी चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की निवेश नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी निवेश नीति हर क्षेत्र के लिए अलग-अलग होंगी। जिससे हम उन्हें पूरी मदद कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में डिस्पोजिबल इंकम को भी बढ़ाना चाहते है। इससे हमारी आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेगी।

योजनाएँ अच्छी पर डिलेवरी सिस्टम खराब

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार ढेर सारी योजनाएँ है लेकिन योजनाओं का डिलेवरी सिस्टम ठीक नहीं हो तो इसका लाभ उन लोगों तक नहीं पहुँच पाता जिन तक पहुँचाने की सरकार की मंशा होती है। उन्होंने बजट में ट्राइबल सब प्लान का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर हम पिछले 30-40 साल का इसके बजट का आकलन करें तो हम पाएंगे कि यह राशि सीधे आदिवासी भाईयों को दे देते तो उनका संपूर्ण विकास हो जाता। आज हमें इस दिशा में सोचना पड़ेगा कि हम अपनी कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे करें जो जरूरत मंदों को लाभ मिलना सुनिश्चित कर सके।

भोपाल के सौंदर्यीकरण और मेट्रो रेल का प्रोजेक्ट दिया

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बताया कि आज भोपाल तालाब का जो सौंदर्यीकरण दिख रहा है और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण के रूप में हरियाली दिख रही है इसके लिए उन्होंने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री के रूप में कई योजनाओं के लिए पैसा दिया। उन्होंने बताया कि जयपुर में मेट्रो रेल का जब शुभारंभ हुआ तो उन्हें शर्म महसूस हुई कि मध्यप्रदेश में यह प्रोजेक्ट क्यों नहीं। मैंने तत्कालीन सरकार के नगरीय विकास मंत्री को फोन लगाया और उनसे मेट्रो परियोजना की जानकारी ली तो पता चला पैसा न होने की वजह से परियोजना की डीपीआर नहीं बन पा रही है। तब मैंने तत्काल मध्यप्रदेश सरकार को डीपीआर की राशि स्वीकृत कर भेजी।

शहरों के विस्तार के लिए आज से ही सोचना होगा

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि हर शहर की अपनी एक कैयरिंग कैपेसिटी होती है। आज प्रदेश के भोपाल, इंदौर सहित कई बड़े शहरों के विस्तार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली के पास नोयडा और गुड़गांव नहीं बनता और मुम्बई के पास नवी मुम्बई नहीं बनती तो इन शहरों के हालात बदतर होते। उन्होंने बताया कि दिल्ली के नोयडा बनाने की योजना उन्होंने संजय गांधी के साथ मिलकर बनाई थी। श्री नाथ ने कहा कि शहरों के विस्तारिकरण के साथ ही हमें इस बात पर ध्यान देना होगा कि हम जो भी सेटेलाइट सिटी बनाएं वहाँ सभी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हों, तभी हम सफल हो पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर शिक्षा, अधोसंरचना, बैंकिंग और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया। प्रारंभ में बंसल ग्रुप के चेयरमेन श्री अनिल बंसल ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया एवं श्री सुनील बंसल ने स्वागत भाषण दिया।

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