26-Feb-2020

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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह लगातार झूठ बोलकर सरकार की छवि बिगाड़ रहे : नरेंद्र सलूजा

भोपाल, 19 जनवरी 2020, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह से लेकर तमाम भाजपा नेता प्रदेश की लोकप्रिय कमलनाथ सरकार को बदनाम करने के लिए निरंतर झूठ का सहारा ले रहे हैं ,निरंतर झूठ बोल रहे हैं और झूठ बोलकर जनता को गुमराह व भ्रमित कर सरकार की छवि बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह  ने अभी दो दिन पूर्व आरोप लगाया था कि कमलनाथ सरकार जानबूझकर भाजपा के नेताओं -कार्यकर्ताओं को निशाना बनाते हुए उनके वैध निर्माण कार्यों को माफिया मुक्त अभियान की आड़ लेकर तोड़ रही है। अपने बयान में जिस भाजपा की पार्षद पति राजू मीणा के निर्माण का उन्होंने जिक्र किया था और आरोप लगाए थे कि मकान का पट्टा था ,उस मकान पर स्टे था ,उसका निर्माण वैध था ,फिर भी जानबूझकर तोड़ा दिया गया।कांग्रेस ने उसी समय इस झूठे आरोपो की पोल खोलते हुए प्रमाण जारी किये थे कि उक्त निर्माण कार्य शासकीय भूमि पर था , उसको लेकर कोई अनुमति नहीं थी , कोई पट्टा नहीं था ,कोई स्टे नहीं था और लोकायुक्त के आदेश पर उक्त अवैध निर्माण हटाया गया था।
राकेश सिंह जी के सारे आरोपों की प्रमाण सहित कांग्रेस ने पोल खोली थी
अब राकेश सिंह जी ट्वीट कर आरोप लगा रहे हैं कि 14 जनवरी को सागर के धर्मश्री निवासी दलित युवक धनप्रसाद अहिरवार को 15-20 लोगों द्वारा घेर कर जिंदा जला दिया गया है और कार्रवाई के नाम पर से 2-3 लोगों को ही पकड़ा गया है।साथ ही पीड़ित परिवार के परिजनों को कोई सहायता प्रदान नहीं की गई।
जबकि वास्तविकता यह है कि जिस व्यक्ति का को जिंदा जलाने का वह जिक्र कर रहे हैं , उस व्यक्ति ने एफआईआर में मात्र 4 लोगों के नाम दर्ज कराएं हैं और अपने मृत्यु पूर्व कथन में एक नाम बढ़ाते हुए कुल 5 लोगों के नाम दर्ज कराएं है।उसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अभी तक 4 लोगों को गिरफ़्तार भी कर लिया है , बाकी अन्य एक आरोपी भी जल्द हिरासत में होगा।
अब जब फरियादी 4 से 5 लोगों के नाम बता रहा है तब राकेश सिंह जी 15 से 20 लोग कहां से ले आए , वही बता सकते हैं ? साथ ही राकेश सिंह जी कह रहे हैं कि उस पीड़ित परिवार को कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई तो वह यह सच्चाई जान लें कि उस पीड़ित परिवार को तत्काल मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सहायता राशि उपलब्ध कराई, इलाज के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कर तत्काल भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया और तत्काल एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता की भी स्वीकृति प्रदान की गयी।
मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के निर्देश पर उक्त युवक का बेहतर इलाज चल रहा है , मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई भी की गई है लेकिन सिर्फ़ राजनीतिक विरोध के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष झूठ का सहारा लेकर सरकार को बदनाम करने का व उसकी छवि बिगाड़ने का काम कर रहे है।

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव द्वारा अधिकारियों को डराने, धमकाने और अपमानित करने का प्रयास घोर निंदनीय
मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्षा श्रीमती शोभा ओझा ने आज जारी अपने वक्तव्य में कहा कि प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने रतलाम में बयान दिया है कि "अधिकारी वेश्याओं की तरह कपड़े बदलते हैं, कुछ कहा जाता है तो वह साष्टांग लेट जाते हैं, बगैर रीढ़ के, बगैर मूंछ के, सिर्फ पूँछ है, मैं चेतावनी देता हूं कि जब निज़ाम बदलेगा, वक्त बदलेगा, उस दिन अपनी दुर्गति की कल्पना कर लें, नौकरी करने लायक नहीं रह जाएंगे।" इस बयान से, एक बार फिर यह सिद्ध हो गया है कि अपने शासनकाल में भाजपा ने अधिकारियों को किस तरह डराया, धमकाया व प्रताड़ित किया, श्री भार्गव शायद यह भूल गए कि प्रदेश में अब कमलनाथ की सरकार है, जो अधिकारियों, कर्मचारियों, किसानों, महिलाओं, दलितों, शोषितों सहित हर वर्ग के नागरिकों को भयमुक्त वातावरण और सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
आज जारी अपने वक्तव्य में श्रीमती ओझा ने आगे कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों को डराने और धमकाने की अपनी निंदनीय कोशिश में श्री भार्गव राजनीतिक व सामाजिक शुचिता और गरिमा की सभी सीमाएं लांघ गए हैं, नेता प्रतिपक्ष के इस अमर्यादित आचरण के पीछे सच्चाई तो यह है कि पिछले 15 सालों तक प्रदेश को लूटने के बाद, जब से सत्ता छिन गई है, भाजपा नेता बौखला गए हैं और वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे हैं कि व्यापमं, डंपर, मध्याह्न भोजन, सिंहस्थ, पौधारोपण, अवैध उत्खनन, ई-टेंडरिंग जैसे महाघोटालों का युग समाप्त हो गया है और अब विकास का एक नया दौर प्रारंभ हो चुका है, ऐसे में शिवराज सिंह चौहान, राकेश सिंह, कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा और गोपाल भार्गव जैसे नेता, अपने दल में अपना प्रभुत्व दिखाने के उद्देश्य से, मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ कर, अपने चाल-चरित्र और चेहरे को बार-बार प्रदर्शित कर रहे हैं। श्री गोपाल भार्गव द्वारा रतलाम में दिया गया उपरोक्त वर्णित बयान भी उसी श्रंखला की अगली कड़ी है।
श्रीमती ओझा ने कहा कि वैसे भी यह पहला अवसर नहीं है जब गोपाल भार्गव ने ऐसी मर्यादाहीन टिप्पणी की है। इसके पहले भी वह प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के लिए अश्लील, अपमानजनक और निम्नस्तरीय टिप्पणी कर, जहां महिलाओं का घोर अपमान कर चुके हैं, वहीं झाबुआ उपचुनाव में वहां की आदिवासी जनता को पाकिस्तानी बता कर भी उन्होंने अपनी मानसिक विक्षिप्तता का परिचय दे दिया था।
अपने बयान के अंत में श्रीमती ओझा ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि भाजपा, श्री गोपाल भार्गव को नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्व से मुक्त कर, पहले किसी योग्य मनोचिकित्सक से उनका समुचित परीक्षण करवा कर उनका समुचित इलाज करवाए और किसी मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति को नेता प्रतिपक्ष का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे, जिससे प्रदेश के विकास में भाजपा एक सकारात्मक विपक्ष की प्रभावी भूमिका का निर्वहन कर सके।

सीएए कानून के समर्थन के नाम पर बगैर अनुमति, कानून का उल्लंघन कर भाजपा ने निकाली राजगढ़ में रैली

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि आज राजगढ़ में भाजपा द्वारा धारा 144 लगी होने के बावजूद , बगैर अनुमति सीएए कानून के समर्थन के नाम पर ,कानून का उल्लंघन कर रैली निकाली गई।इस रैली के माध्यम से हिंसक प्रदर्शन कर क्षेत्र का माहौल खराब करने का प्रयास किया गया , जबकि भाजपा इस जिले में पूर्व में ही सीएए के समर्थन के नाम पर एक रैली निकाल चुकी है।
वहीं वहीं कांग्रेस सीएए के विरोध में राजगढ़ जिले में दो बार अनुमति नहीं मिलने पर रैली निरस्त कर चुकी है और बाद में जब अनुमति मिली तभी कांग्रेस ने रैली निकाली और जब भाजपा इस जिले में एक बार सीएए के समर्थन में रैली निकाल चुकी है तो दोबारा माहौल खराब करने के लिए रैली निकालने की क्या आवश्यकता ? 
   सलूजा ने बताया कि सरकार पर व अधिकारियों पर आरोप लगाने वाले शिवराज सिंह से लेकर गोपाल भार्गव सहित तमाम भाजपा नेता यह सच्चाई जान ले कि बगैर अनुमति के , कानून का उल्लंघन कर किए गए इस प्रदर्शन में जब अधिकारियों ने कानून का हवाला देकर इस रैली को रोकना चाहा तो मौके पर मौजूद दो महिला एसडीएम प्रिया वर्मा और श्रुति अग्रवाल से भाजपा के प्रदर्शनकारियों ने अभद्र व्यवहार किया , उन्हें लाते मारी , उनके बाल पकड़कर खींचे , कपड़े खींचे व हमला करने का प्रयास किया , क्या भाजपा कार्यकर्ताओं का यही आचरण है ? महिलाओं के प्रति यही उनका रवैया व सम्मान है ? जब एक महिला जिलाधीश द्वारा प्रदर्शनकारियों को कानून का हवाला देकर प्रदर्शन रोकने का प्रयास किया गया तो उनसे भी अभद्र भाषा का उपयोग किया गया।
क्या महिलाओं के प्रति भाजपा की यही सोच है , यही आचरण है ? क्या भाजपा महिलाओं का यही सम्मान करती है ? 
सलूजा ने कहा के बगैर अनुमति , कानून के समर्थन पर नाम पर किये गये इस हिंसक प्रदर्शन में महिलाओं के अपमान पर तत्काल भाजपा नेता माफ़ी माँगे और दोषी कार्यकर्ताओं व नेताओ को तत्काल पार्टी से बाहर करे।
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