19-Jul-2019

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गैर-लायसेंसी साहूकारों पर नियंत्रण के लिये होगी अधिनियम की समीक्षा

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अनाधिकृत इन्वेस्टमेंट सलाहकारों के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही करने का निर्णय
मुख्य सचिव श्री मोहंती की अध्यक्षता में एनबीएफसी संबंधी समिति की बैठक सम्पन्न

भोपाल : शुक्रवार, मई 3, 2019, साहूकारी का व्यवसाय करने वाले गैर-लायसेंसी साहूकारों तथा निर्धारित अधिकतम ब्याज दर से अधिक ब्याज लेने वाले साहूकारों पर नियंत्रण और कार्यवाही के प्रावधान शामिल करने के लिये मध्यप्रदेश साहूकार अधिनियम की समीक्षा की जायेगी। अनाधिकृत इन्वेस्टमेंट सलाहकारों के विरुद्ध भी तत्काल कार्यवाही की जायेगी। मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती की अध्यक्षता में गैर-बैंकिंग वित्तीय स्थापनाओं (एनबीएफसी) एवं अनिगमित निकायों के लिये गठित राज्य-स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिये गये।

बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में जिन 4 जिलों से जनहित बैंक की गतिविधियों के बंद होने की पुष्टि नहीं हुई है, की पुष्टि कराकर यह सुनिश्चित किया जाये कि बैंक द्वारा अवैधानिक गतिविधियों को संचालित नहीं किया जा सके। समिति ने सीहोर एवं रतलाम जिले में जमा स्वीकार करने वाली कम्पनियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं किये जाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर्स द्वारा त्वरित कार्यवाही करने का निर्णय लिया है। समिति ने तय किया कि एसटीएफ को शिकायतें भेजने के पूर्व सेबी द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि शिकायत में किस धारा के अंतर्गत संज्ञेय अपराध बनता है, जिससे ऐसे मामले में तत्काल कार्यवाही हो सकेगी। जिन 24 प्रकरणों में संज्ञेय अपराध नहीं होने से सीआईडी द्वारा कार्यवाही नहीं की जा सकी है उनके संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक पुन: जाँच कर सीआईडी को सूचित करेगा, जिससे आगामी कार्यवाही हो।

समिति ने निर्णय लिया कि ऐसे मामले, जिनमें वित्तीय स्थापनाओं की सम्पत्ति जप्त की जा चुकी है तथा सक्षम न्यायालय द्वारा आदेश भी पारित किया जा चुका है, में निवेशकों के दावे-आपत्ति बुलाकर जप्त राशि के भुगतान की कार्यवाही की जाये। इसी प्रकार मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम-2000 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न मल्टी स्टेट सहकारी समितियों द्वारा अनाधिकृत रूप से प्राप्त की गई अथवा प्राप्त की जा रही राशि के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

राज्य-स्तरीय समन्वय समिति में सर्व-सम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रदेश में नये नियुक्त होने वाले आईएएस प्रोबेशनर्स तथा डिप्टी कलेक्टर्स के प्रशिक्षण मॉड्यूल में आर्थिक अपराधों संबंधी विभिन्न अधिनियमों को शामिल किया जायेगा।

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